Thursday, 22 August 2013

आखिर हमारे साथ ही ऐसा क्यों होता है।



नई दिल्ली। केरल तट पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले में चार इतालवी नौसैनिकों ने बयान दर्ज कराने के लिए भारत आने से इंकार कर दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी [एनआइए] ने इनको बयान देने के लिए समन भेजा था। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए गृह मंत्रलय ने कानून मंत्रलय से राय मांगी है।
चारों नौसैनिक इतालवी जहाज एनरिका लेक्सी पर उस समय सवार थे, जब इनके दो सहयोगी मैसीमिलैनो लातोरे और सल्वाटोर गिरोन ने 15 फरवरी, 2012 को दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की जांच कर रही एनआइए ने इन चारों को पूछताछ के लिए समन भेजा था। चारों नौसैनिकों ने एनआइए से कहा है कि वे भारत आने के बजाय वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी को तैयार हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि एनआइए की टीम इटली आकर उनसे पूछताछ कर सकती है या उन्हें सवाल भेज दिए जाएं जिनका वे लिखित में जवाब दे देंगे। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत इटली इस मामले में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है, लिहाजा एनआइए के लिए इनमें कोई भी प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं होगा। इतालवी नौसैनिकों के इंकार से मामले की सुनवाई में और देरी होने की संभावना बढ़ गई है।
ज्ञात हो कि इटली ने तर्क दिया था कि चूंकि यह घटना अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई है, लिहाजा भारतीय अदालतों को इसकी सुनवाई का अधिकार नहीं है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इटली के तर्क को खारिज कर दिया था।

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